नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनियाभर के लोग भारत आना चाहते हैं और भारत को जानना चाहते हैं। आज भारत दुनिया का वो देश है, जहां हर दिन सकारात्मक खबरें बन रही हैं। जहां हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। 26 फरवरी को प्रयागराज में एकता का महाकुंभ संपन्न हुआ। दुनिया इस बात से हैरान है कि कैसे करोड़ों लोग एक नदी तट पर बसे एक अस्थायी जगह पर पवित्र स्नान करने के लिए आते हैं। दुनिया भारत की संगठन और नवाचार कौशल को देख रही है। दुनिया इस भारत को विस्तार से जानना चाहती है।

भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘…मीडियो हाउस ने पहले की जो समिट की है वो नेता सेंट्रिक रही है मुझे खुशी है ये नीति सेंट्रिक है। यहां नीतियों की चर्चा हो रही है…मैं देख रहा हूं आपका ये समिट आने वाले कल को समर्पित है।’ उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले ही भारत ने दुनिया के सबसे बड़े चुनाव कराए हैं। 60 साल बाद ऐसा हुआ जब भारत में कोई सरकार लगातार तीसरी बार वापस लौटी है। इस जन-विश्वास का आधार पिछले 11 साल में भारत की अनेकों उपलब्धियां हैं।

उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि आपका नया चैनल भारत की वास्तविक कहांनियां दुनिया तक पहुंचाएगा। बिना कोई रंग दिए आपका ग्लोबल चैनल, भारत की वैसी ही तस्वीर दिखाएगा, जैसा वो है। हमें मेकअप की जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि कई साल पहले मैंने वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल का विजन देश के सामने रखा था। आज हम इस विजन को सच्चाई में बदलते हुए देख रहे हैं। आज हमारे आयुष प्रॉडक्ट्स और योग स्थानीय से वैश्विक हो गए हैं। आज भारत के सुपरफूड, हमारा मखाना, स्थानीय से वैश्विक हो रहा है। भारत के मिलेट्स-श्रीअन्न भी, स्थानीय से वैश्विक हो रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत, दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कॉफी एक्सपोर्टर बन गया है। दशकों तक, दुनिया भारत को अपना बैक ऑफिस कहती थी, लेकिन आज, भारत न्यू फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड बन रहा है। हम सिर्फ वर्कफोर्स नहीं, वर्ल्ड-फोर्स हैं। आज भारत बहुत बड़े टारगेट्स रख पा रहा है, उनको अचीव कर रहा है… तो इसके मूल में एक खास मंत्र है। ये मंत्र है- मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेस। ये कुशल और प्रभावी शासन का मंत्र है। बीते एक दशक में हमने करीब 1,500 ऐसे कानूनों को खत्म किया है, जो अपना महत्व खो चुके थे। इनमें से बहुत सारे कानून अंग्रेजी शासन के दौरान बने थे।

उन्होंने कहा कि मुझे उस समय की सरकार और नेताओं से कुछ कहना नहीं है, लेकिन मुझे ज्यादा तो ये लुटियन जमात पर आश्चर्य हो रहा है, ये खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य हो रहा है। ये लोग 75 साल तक ऐसे कानून पर चुप क्यों थे।  ये हमारी सरकार है जिसने गुलामी के कालखंड के कानून को खत्म किया।

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