नई दिल्ली। नवरात्र के समय व्रत रखने के कारण फलों की कीमतों में कुछ वृद्धि देखने को मिली है, लेकिन सब्जियों की कीमतों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है। जहां आम दिनों में आलू 30 रुपये किलो मिलता था, अब वह 50 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। खुदरा बाजार में लौकी को छोड़कर बाकी सभी सब्जियों की कीमतें 80 रुपये किलो से ऊपर पहुंच चुकी हैं।
नवरात्र के दौरान आलू की खपत बढ़ जाती है, खासकर कंजिका पूजन और भंडारे के प्रसाद में आलू-टमाटर की सब्जी बनाई जाती है। इस वजह से श्रद्धालुओं को आलू और टमाटर की खरीदारी में परेशानियां हो रही हैं। सब्जियों की महंगाई घर की थाली को प्रभावित कर रही है, जबकि मौसमी हरी सब्जियों की बढ़ी कीमतें घर के बजट पर बुरा असर डाल रही हैं।
गुरुग्राम के दयानंद कॉलोनी की निवासी अनीता का कहना है कि बढ़ी हुई सब्जियों की कीमतों ने जीवन को मुश्किल बना दिया है। अब कोई भी सब्जी 80 से 100 रुपये प्रति किलो से कम नहीं मिल रही। टमाटर के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं और बिना टमाटर के सब्जी बनाना संभव नहीं है। नवरात्र में फल तो महंगे होते ही हैं, लेकिन इस बार सब्जियों की कीमतें भी बहुत बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से आढ़तियों के साथ बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है। दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार में ही सब्जियां महंगी हो रही हैं, इसलिए वे सस्ती नहीं बेच सकते। लोग अब किलो की बजाय 250 ग्राम या आधा किलो सब्जियां खरीदने लगे हैं।
वर्तमान सब्जियों की कीमतें:
- आलू: 50 रुपये/किलो
- टमाटर: 125-140 रुपये/किलो
- बैंगन: 80 रुपये/किलो
- परवल: 80-90 रुपये/किलो
- भिंडी: 80 रुपये/किलो
- तुरई: 80 रुपये/किलो
- फूल गोभी: 80 रुपये/किलो
- गाजर: 100 रुपये/किलो
- लौकी: 60 रुपये/किलो
- शिमला मिर्च: 180 रुपये/किलो