तिरुपति। तिरुमाला तिरुपति मंदिर के प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डुओं में मछली के तेल और जानवरों की चर्बी की मिलावट की पुष्टि के बाद यह मामला देशभर में तेजी से गर्माता जा रहा है। इस बीच, तिरुमाला तिरुपति मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी रमण दीक्षाथलु ने अपने बयान से बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मैं इस बात के बारे में पहले से जानता था। मैंने कुछ साल पहले मंदिर के लड्डू के लिए इस्तेमाल होने वाले गाय के घी में मिलावट देखी थी और इसको लेकर शिकायत भी की थी।”

यह मामला अब सियासी रंग भी पकड़ चुका है। जब से लड्डुओं में घी के बजाय जानवरों की चर्बी और मछली के तेल के इस्तेमाल की खबर सामने आई है, तब से देशभर में आक्रोश फैल गया है। पूर्व पुजारी रमण दीक्षाथलु ने आरोप लगाया कि “यह लोगों की आस्था और मंदिर की पवित्रता के साथ बड़ा खिलवाड़ है।”

पूर्व पुजारी के आरोप
पूर्व मुख्य पुजारी रमण दीक्षाथलु ने कहा, “मैंने इस मिलावट के बारे में कई साल पहले ही अधिकारियों और देवस्थानम के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही मेरी शिकायत पर कोई ध्यान दिया गया।”

सीएम चंद्रबाबू नायडू का बयान
इस बीच, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था, “पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान तिरुमाला मंदिर में लड्डू प्रसाद बनाने के लिए घी की जगह जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था, जिससे मंदिर की पवित्रता भंग हुई और भक्तों की आस्था को चोट पहुंची।”

वाईएसआरसीपी ने पहले इन आरोपों का मजाक उड़ाया था, लेकिन अब मामले की पुष्टि होने के बाद पार्टी ने इस पर चुप्पी साध ली है।

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