देहरादून। स्पीकर ऋतु भूषण खंडूडी ने कोटद्वार के भाबर क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को माँग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार विधानसभा के अन्तर्गत भाबर क्षेत्र के काश्तकारों का खेती, पशुपालन, बागवानी ही जीवन यापन करने का लम्बे समय से प्रमुख साधन रहा है। कृषि भूमि का आवासीय भवनों व व्यवसायीकरण होने के कारण खेती पर निर्भर काश्तकारों की आय के संसाधन समाप्त हो रहे हैं।
ऋतु खण्डूडी ने कहा कि कोटद्वार भाबर क्षेत्र को नगर निगम में सम्मिलित होने के बाद अधिकतर क्षेत्र या कृषि भूमि नगर निगम की परिधि मे आ गयी है जिससे इस क्षेत्र के काश्तकारों को ग्रामीण क्षेत्र की भांति विभिन्न मदों में सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी, छूट व किसानों से सम्बन्धित अन्य सुविधाओं का लाभ नही मिल पाता।
ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि पूर्व की भांति काश्तकारों को सभी सरकारी लाभ यथावत मिलने चाहिए। साथ ही नगर निगम परिसीमन विस्तार किये जाने पर भी कृषि क्षेत्र को किसी भी स्थिति में यथावत रखे जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बीकेटीसी में वित्तीय पारदर्शिता कायम करने के लिए वित्त अधिकारी का पद सृजित करा कर शासन से प्रदेश वित्त सेवा के अधिकारी की तैनाती कराई गयी है। मंदिरों के पुनर्निर्माण व जीर्णोद्वार के कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। बाबा केदार की शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण जैसी महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू किया गया। वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ धाम में ध्वस्त हुए ईशानेश्वर मंदिर का रिकॉर्ड अवधि में पुनर्निर्माण किया गया। केदारनाथ धाम में यात्री सुविधाओं के लिए रैन शेल्टर से लेकर बीकेटीसी के कार्यालय व कार्मिकों के लिए भवन निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपन्न करवाया गया। मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीकेटीसी का अपना सुरक्षा संवर्ग तैयार किया गया है। कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते मंदिर समिति की आय में वृद्धि हुई है।