नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है और भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत की यह खरीद यूक्रेन युद्ध को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अब यूरोपीय देशों पर भी द बाव डाल रहा है कि वे भारत पर इसी तरह के प्रतिबंध और टैरिफ लागू करें। व्हाइट हाउस ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया है कि भारत से खरीदे जाने वाले सभी तेल और गैस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।

हालांकि अधिकांश यूरोपीय देश इस कदम पर चुप हैं और उन्होंने अमेरिका के टैरिफ का खुलकर समर्थन या विरोध नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का भारत पर ज्यादा असर नहीं होगा, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनयिक तनाव बढ़ सकता है।

ट्रंप भारत के अलावा यूरोप में भी रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को लेकर भी नाराज हैं। पाकिस्तान ने ट्रंप के दावे को स्वीकार किया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग भी की, जबकि भारत ने कहा कि संघर्ष रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना “राष्ट्रीय जरूरत” के तहत कर रहा है और यह निर्णय भारत की संप्रभुता और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ कदम से अमेरिका–भारत रणनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *